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औषधीय पौधे – गिलोय (Giloy) घर पर कैसे लगाएं? | शुरुआती लोगों के लिए सम्पूर्ण गाइड 2026

PANKAJ Gupta
जुलाई 08, 2026
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गिलोय घर पर कैसे लगाएं

Table of Contents

परिचय

अगर आप अपने घर में ऐसा पौधा लगाना चाहते हैं जो कम देखभाल में भी अच्छी तरह बढ़े और वर्षों तक हरा-भरा रहे, तो गिलोय (Giloy) एक बेहतरीन विकल्प है। इसे भारत में सदियों से एक महत्वपूर्ण औषधीय बेल के रूप में जाना जाता है। इसकी लंबी, हरी और मजबूत बेल किसी पेड़, जाली या सहारे पर तेजी से फैलती है और घर की हरियाली भी बढ़ाती है।

गिलोय को अक्सर “अमृता” भी कहा जाता है क्योंकि पारंपरिक आयुर्वेद में इसे अनेक उपयोगों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि, इसका उपयोग औषधीय उद्देश्य से करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह लेना उचित रहता है।

अच्छी बात यह है कि गिलोय को उगाने के लिए बड़े खेत की आवश्यकता नहीं होती। आप इसे बालकनी, छत, आंगन या छोटे गमले में भी आसानी से लगा सकते हैं। यदि सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और मजबूत सहारा मिल जाए, तो यह पौधा कई वर्षों तक बढ़ता रहता है। इस विस्तृत गाइड में हम जानेंगे कि गिलोय को घर पर लगाने का सही समय, सही तरीका, मिट्टी, पानी, खाद, देखभाल और शुरुआती लोग कौन-सी गलतियाँ करते हैं।

गिलोय क्या है?

गिलोय एक बहुवर्षीय (Perennial) बेल है जिसका वैज्ञानिक नाम Tinospora cordifolia है। इसकी बेल मोटी, हरे रंग की तथा गांठदार होती है। यह समय के साथ मजबूत होती जाती है और किसी भी सहारे पर तेजी से चढ़ती है।

यदि पौधे को सही वातावरण मिले तो इसकी वृद्धि बहुत तेज होती है और यह पूरे वर्ष हरी बनी रह सकती है।

घर पर गिलोय लगाने के फायदे

गिलोय केवल एक बेल नहीं बल्कि आपके होम गार्डन का उपयोगी हिस्सा बन सकती है।

प्रमुख फायदे

  • कम देखभाल में अच्छी वृद्धि।
  • कई वर्षों तक जीवित रहती है।
  • गमले में भी आसानी से उगाई जा सकती है।
  • छत, बालकनी और आंगन के लिए उपयुक्त।
  • कम पानी में भी जीवित रह सकती है।
  • सुंदर हरी बेल घर की शोभा बढ़ाती है।
  • शुरुआती गार्डनर्स के लिए आसान पौधा।

गिलोय लगाने का सही समय

भारत के अधिकांश क्षेत्रों में गिलोय लगाने के लिए निम्न समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

सबसे अच्छा समय

✅ फरवरी–मार्च

✅ जुलाई–सितंबर (मानसून)

मानसून के दौरान नमी अधिक होने के कारण कटिंग जल्दी जड़ पकड़ती है और पौधा तेजी से बढ़ता है।

यदि नियमित सिंचाई की सुविधा हो तो वर्ष के अन्य महीनों में भी इसे लगाया जा सकता है, लेकिन अत्यधिक ठंड या भीषण गर्मी के दिनों में नई कटिंग लगाने से बचें।

गिलोय के लिए सही स्थान कैसे चुनें?

सही स्थान चुनना पौधे की अच्छी वृद्धि का पहला कदम है।

धूप

  • रोज़ 4–6 घंटे हल्की से मध्यम धूप आदर्श रहती है।
  • सुबह की धूप सबसे अच्छी मानी जाती है।
  • बहुत अधिक तेज दोपहर की धूप वाले क्षेत्रों में हल्की छाया लाभदायक हो सकती है।

हवा

पौधे के आसपास अच्छी वायु का आवागमन होना चाहिए ताकि फफूंद संबंधी समस्याएँ कम हों।

सहारा

गिलोय एक चढ़ने वाली बेल है, इसलिए इसे मजबूत सहारे की आवश्यकता होती है।

आप उपयोग कर सकते हैं—

  • लोहे की जाली
  • बांस
  • रस्सी
  • दीवार की ट्रेलिस
  • पेड़ का तना

गमले में गिलोय लगाएं या जमीन में?

दोनों विकल्प अच्छे हैं, लेकिन उद्देश्य के अनुसार चुनाव करें।

गमले में

उपयुक्त यदि—

  • आपके पास बालकनी है।
  • छत पर गार्डन है।
  • सीमित जगह है।

गमले का आकार

कम से कम

  • 14–18 इंच चौड़ा
  • 14–18 इंच गहरा

बड़ा गमला जड़ों के बेहतर विकास में मदद करता है।

जमीन में

यदि पर्याप्त जगह उपलब्ध है, तो जमीन में लगाया गया गिलोय अधिक तेजी से फैलता है और बेल लंबी होती है।

गिलोय के लिए सही मिट्टी

अच्छी मिट्टी स्वस्थ पौधे की नींव होती है।

आदर्श मिश्रण

  • 40% बगीचे की मिट्टी
  • 30% अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट
  • 20% नदी की रेत
  • 10% कोकोपीट या पत्ती की खाद

यह मिश्रण पानी की निकासी भी अच्छी रखता है और जड़ों को पर्याप्त पोषण भी देता है।

मिट्टी तैयार करने के टिप्स

  • पत्थर और कंकड़ निकाल दें।
  • मिट्टी को धूप में 2–3 दिन सुखाएँ।
  • पुरानी संक्रमित मिट्टी का उपयोग न करें।
  • अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद ही मिलाएँ।
  • जल निकासी के लिए गमले के नीचे छेद अवश्य रखें।

कटिंग से गिलोय कैसे लगाएं? (Step-by-Step Guide)

बीज की तुलना में कटिंग से गिलोय लगाना आसान और अधिक सफल तरीका माना जाता है।

चरण 1: स्वस्थ बेल चुनें

कम से कम 1 वर्ष पुरानी स्वस्थ बेल लें।

चरण 2: कटिंग तैयार करें

  • 6–8 इंच लंबी कटिंग लें।
  • 3–4 गांठें (Nodes) अवश्य हों।
  • तेज और साफ औजार से कटिंग करें।

चरण 3: नीचे की पत्तियाँ हटाए

निचले हिस्से की पत्तियाँ हटाकर केवल ऊपर की कुछ पत्तियाँ रहने दें ताकि ऊर्जा जड़ों के विकास में लगे।

चरण 4: रोपण

कटिंग को लगभग 2–3 इंच गहराई तक मिट्टी में लगाएँ और हल्के हाथ से मिट्टी दबा दें।

चरण 5: पहली सिंचाई

रोपण के तुरंत बाद हल्का पानी दें ताकि मिट्टी जड़ों के आसपास अच्छी तरह बैठ जाए।

शुरुआती 15 दिन की देखभाल

पहले दो सप्ताह पौधे के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।

ध्यान रखें—

  • मिट्टी को लगातार गीला न रखें।
  • पानी तभी दें जब ऊपरी परत हल्की सूखी लगे।
  • तेज धूप से नई कटिंग को बचाएँ।
  • पौधे को हिलाएँ नहीं।
  • यदि आवश्यक हो तो हल्की छाया प्रदान करें।
  • नई कोंपलें निकलना सफल जड़ बनने का संकेत है।

गिलोय के पौधे की नियमित देखभाल (Daily & Weekly Care Guide)

गिलोय एक मजबूत और कम रखरखाव वाला पौधा है, लेकिन यदि इसकी नियमित देखभाल की जाए तो यह अधिक तेजी से बढ़ता है, हरी-भरी बेल बनाता है और कई वर्षों तक स्वस्थ रहता है।

1. गिलोय को कितना पानी दें?

गिलोय को बहुत अधिक पानी पसंद नहीं है। इसकी जड़ों में पानी रुकने पर सड़न (Root Rot) की समस्या हो सकती है।

गर्मियों में

  • सप्ताह में 2–3 बार पानी दें।
  • तेज गर्मी में रोज़ मिट्टी की नमी जांचें।
  • केवल मिट्टी सूखने पर ही सिंचाई करें।

बरसात में

  • यदि बारिश हो रही है तो अतिरिक्त पानी न दें।
  • गमले में पानी जमा न होने दें।

सर्दियों में

  • सप्ताह में 1–2 बार पानी पर्याप्त रहता है।
  • सुबह पानी देना बेहतर होता है।

महत्वपूर्ण टिप

उंगली से 2–3 सेमी मिट्टी जांचें। यदि सूखी लगे तभी पानी दें।

2. गिलोय को कितनी धूप चाहिए?

गिलोय अच्छी रोशनी में तेजी से बढ़ता है।

आदर्श धूप

  • प्रतिदिन 4–6 घंटे धूप।
  • सुबह की धूप सबसे लाभदायक।
  • दोपहर की अत्यधिक तेज धूप वाले क्षेत्रों में हल्की छाया दें।

यदि पौधे को बहुत कम धूप मिलेगी तो बेल लंबी तो होगी लेकिन कमजोर रह सकती है।

3. गिलोय के लिए जैविक खाद

रासायनिक खाद की तुलना में जैविक खाद लंबे समय तक पौधे को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

हर 30–45 दिन में दें

  • अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद
  • वर्मी कम्पोस्ट
  • घर की बनी कम्पोस्ट
  • पत्ती की खाद

मात्रा

14–16 इंच के गमले में लगभग 200–300 ग्राम जैविक खाद पर्याप्त रहती है।

खाद देने के बाद हल्की सिंचाई करें।

4. गिलोय को सहारा (Support) कैसे दें?

गिलोय एक चढ़ने वाली बेल है। यदि इसे सही सहारा मिले तो इसकी वृद्धि कई गुना बेहतर होती है।

आप उपयोग कर सकते हैं—

  • बांस की लकड़ी
  • लोहे की जाली
  • गार्डन ट्रेलिस
  • मजबूत रस्सी
  • पेर्गोला
  • दीवार की जाली

जैसे-जैसे बेल बढ़े, उसे धीरे-धीरे सहारे से बांधते रहें।

5. छंटाई (Pruning)

समय-समय पर छंटाई करने से पौधा अधिक घना और स्वस्थ बनता है।

कब करें?

  • सूखी बेल हटाएँ।
  • पीली पत्तियाँ निकालें।
  • टूटी शाखाएँ काट दें।
  • बहुत लंबी बेल को आवश्यकता अनुसार छोटा करें।

हमेशा साफ और तेज प्रूनर का उपयोग करें।

6. गिलोय की मल्चिंग

गर्मियों में पौधे के आसपास सूखी पत्तियाँ, भूसा या नारियल की भूसी बिछाने से—

  • मिट्टी की नमी बनी रहती है।
  • खरपतवार कम उगते हैं।
  • जड़ों को गर्मी से सुरक्षा मिलती है।

गिलोय तेजी से कैसे बढ़ाएं?

यदि आप चाहते हैं कि गिलोय की बेल तेजी से फैले तो इन बातों का ध्यान रखें—

✅ अच्छी धूप दें।

✅ जैविक खाद नियमित दें।

✅ मजबूत सहारा उपलब्ध कराएँ।

✅ समय पर छंटाई करें।

✅ जल निकासी अच्छी रखें।

✅ मिट्टी को कठोर न होने दें।

गिलोय में आने वाली सामान्य समस्याएँ और समाधान

समस्याकारणसमाधान
पत्तियाँ पीली होनाअधिक पानीपानी कम करें, जल निकासी सुधारें
बेल का धीरे बढ़नाधूप या पोषण की कमीअधिक धूप और कम्पोस्ट दें
पत्तियाँ मुरझानाकम पानी या जड़ समस्यामिट्टी की नमी जांचें
जड़ सड़नापानी जमा होनाअतिरिक्त पानी निकालें
नई वृद्धि न होनापोषण की कमीजैविक खाद दें

सामान्य कीट (Pests)

गिलोय में सामान्यतः कीट कम लगते हैं, लेकिन कभी-कभी ये दिखाई दे सकते हैं—

  • एफिड (Aphids)
  • मिलीबग
  • स्केल कीट
  • स्पाइडर माइट

जैविक समाधान

  • नीम तेल का स्प्रे (5 मिली प्रति लीटर पानी)
  • हल्का साबुन घोल (गार्डनिंग उपयोग हेतु)
  • संक्रमित पत्तियाँ हटा दें।

सामान्य रोग

1. जड़ सड़न

कारण

  • अधिक पानी
  • खराब जल निकासी

समाधान

  • पानी कम करें।
  • मिट्टी बदलें यदि आवश्यक हो।
  • गमले के छेद साफ रखें।

2. फफूंद

कारण

  • लगातार नमी
  • हवा का कम आवागमन

समाधान

  • पौधों के बीच दूरी रखें।
  • सुबह पानी दें।
  • संक्रमित भाग हटा दें।

गिलोय की नई बेल कैसे तैयार करें?

एक स्वस्थ पौधे से हर वर्ष कई नई कटिंग तैयार की जा सकती हैं।

प्रक्रिया

  1. स्वस्थ शाखा चुनें।
  2. 6–8 इंच की कटिंग लें।
  3. 3–4 गांठें रखें।
  4. नई मिट्टी में लगाएँ।
  5. हल्की छाया में रखें।
  6. लगभग 2–4 सप्ताह में नई जड़ें बनने लगती हैं।

गमले में गिलोय की देखभाल

यदि पौधा गमले में है तो विशेष ध्यान दें—

  • हर 2–3 वर्ष में री-पॉटिंग करें।
  • मिट्टी को समय-समय पर ढीला करें।
  • जल निकासी अवश्य जांचें।
  • बेल को नियमित दिशा दें ताकि वह उलझे नहीं।

मौसम के अनुसार देखभाल

गर्मी

  • सुबह पानी दें।
  • मल्चिंग करें।
  • दोपहर की तेज धूप से बचाएँ (यदि बहुत अधिक गर्मी हो)।

बरसात

  • अतिरिक्त पानी न रुकने दें।
  • फफूंद पर नजर रखें।

सर्दी

  • पानी कम करें।
  • सूखी पत्तियाँ हटाएँ।
  • हल्की धूप मिलने द

शुरुआती लोग कौन-सी गलतियाँ करते हैं?

❌ बहुत छोटा गमला चुनना।

❌ रोज़ पानी देना।

❌ बिना सहारे के बेल छोड़ देना।

❌ जल निकासी की अनदेखी करना।

❌ कच्ची गोबर की खाद डालना।

❌ बहुत गहरी कटिंग लगाना।

❌ कम धूप वाली जगह चुनना।

Expert Tips – Apna Green Ghar

  • हर महीने पौधे का निरीक्षण करें।
  • केवल आवश्यकता होने पर ही पानी दें।
  • वर्ष में कम से कम दो बार कम्पोस्ट अवश्य मिलाएँ।
  • बेल को ऊपर की ओर प्रशिक्षित (Train) करें ताकि वह अधिक फैले।
  • जैविक तरीकों को प्राथमिकता दें।
  • स्वस्थ पौधे से ही नई कटिंग तैयार करें।

गिलोय की कटाई (Harvesting)

यदि आपने गिलोय की सही देखभाल की है, तो लगभग 8–12 महीनों में इसकी बेल अच्छी तरह विकसित हो जाती है। कटाई करते समय हमेशा पौधे का कुछ हिस्सा सुरक्षित रखें ताकि वह आगे भी बढ़ता रहे।

कटाई कैसे करें?

  1. केवल परिपक्व (Mature) बेल का हिस्सा काटें।
  2. साफ और तेज प्रूनर या कैंची का उपयोग करें।
  3. एक बार में पूरी बेल न काटें।
  4. कटाई के बाद पौधे को हल्का पानी दें।
  5. आवश्यकता हो तो थोड़ी जैविक खाद डालें ताकि नई वृद्धि तेज हो

बागवानी | ICAR

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गिलोय के उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण बात

गिलोय को पारंपरिक आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधे के रूप में जाना जाता है। हालांकि, किसी भी रोग के उपचार या नियमित सेवन के लिए स्वयं निर्णय न लें। यदि आप गिलोय का औषधीय उपयोग करना चाहते हैं, तो किसी योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

गिलोय का पौधा कितने वर्षों तक जीवित रहता है?

यदि सही देखभाल की जाए, तो गिलोय कई वर्षों तक जीवित रह सकता है। नियमित छंटाई, जैविक खाद और उचित सहारा मिलने पर यह हर वर्ष नई और स्वस्थ बेलें बनाता है।

गिलोय उगाने के लिए Quick Checklist

  • ✔ 14–18 इंच का गमला चुनें।
  • ✔ अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी तैयार करें।
  • ✔ स्वस्थ कटिंग लगाएँ।
  • ✔ 4–6 घंटे धूप दें।
  • ✔ आवश्यकता अनुसार ही पानी दें।
  • ✔ हर 30–45 दिन में जैविक खाद डालें।
  • ✔ मजबूत सहारा अवश्य दें।
  • ✔ समय-समय पर छंटाई करें।
  • ✔ कीट और रोग की नियमित जाँच करें।

Expert Gardening Tips

  • सुबह पौधों का निरीक्षण करने की आदत डालें।
  • हमेशा जैविक खाद को प्राथमिकता दें।
  • एक साथ बहुत अधिक पानी न दें।
  • समय-समय पर बेल को सही दिशा में फैलाएँ।
  • सूखी और रोगग्रस्त शाखाएँ तुरंत हटा दें।
  • हर मौसम में पौधे की जरूरत के अनुसार देखभाल बदलें।

गिलोय एक ऐसा पौधा है जो कम देखभाल में भी लंबे समय तक आपके घर की हरियाली बढ़ा सकता है। सही मिट्टी, संतुलित सिंचाई, पर्याप्त धूप और मजबूत सहारे के साथ यह तेजी से विकसित होता है। यदि आप घर पर औषधीय पौधों का छोटा-सा बगीचा बनाना चाहते हैं, तो गिलोय एक उत्कृष्ट शुरुआत हो सकती है।

याद रखें, स्वस्थ पौधा तभी मिलता है जब नियमित निरीक्षण, समय पर खाद और सही देखभाल की जाए। धैर्य रखें और प्रकृति के साथ जुड़ने का आनंद लें।

Apna Green Ghar का सुझाव

यदि आपको यह गाइड उपयोगी लगी, तो इसे अपने परिवार और मित्रों के साथ साझा करें। Apna Green Ghar पर आपको औषधीय पौधों, सब्ज़ियों, फूलों, किचन गार्डन, जैविक खाद, कीट नियंत्रण और मौसम के अनुसार पौधों की देखभाल से जुड़ी सरल, भरोसेमंद और उपयोगी जानकारी नियमित रूप से मिलेगी।

1. गिलोय लगाने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?

फरवरी–मार्च और जुलाई–सितंबर सबसे उपयुक्त समय माने जाते हैं।

2. क्या गिलोय गमले में उगाई जा सकती है?

हाँ, 14–18 इंच या उससे बड़े गमले में आसानी से उगाई जा सकती है।

3. गिलोय को रोज़ पानी देना चाहिए?

नहीं। केवल तब पानी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी महसूस हो।

4. गिलोय को कितनी धूप चाहिए?

प्रतिदिन लगभग 4–6 घंटे धूप पर्याप्त रहती है।

5. क्या गिलोय छाया में बढ़ सकती है?

हल्की छाया में बढ़ सकती है, लेकिन अच्छी वृद्धि के लिए पर्याप्त रोशनी आवश्यक है।

6. गिलोय को सबसे अच्छी खाद कौन-सी है?

वर्मी कम्पोस्ट, गोबर की अच्छी तरह सड़ी खाद और घर की बनी कम्पोस्ट अच्छे विकल्प हैं।

7. क्या गिलोय को बीज से उगाना चाहिए?

बीज से उगाना संभव है, लेकिन कटिंग से पौधा तैयार करना अधिक आसान और सफल रहता है।

8. गिलोय की बेल को सहारा क्यों चाहिए?

यह एक चढ़ने वाली बेल है। सहारा मिलने से पौधा स्वस्थ और तेज़ी से बढ़ता है।

9. पत्तियाँ पीली क्यों हो जाती हैं?

अधिक पानी, खराब जल निकासी या पोषण की कमी इसके सामान्य कारण हो सकते हैं।

10. क्या गिलोय कम देखभाल वाला पौधा है?

हाँ, सही मिट्टी और सामान्य देखभाल के साथ यह कम रखरखाव वाला पौधा माना जाता है।

Written By

PANKAJ Gupta

“नमस्ते! मैं हूँ Pankaj Gupta — Gardening और Home Improvement का दीवाना। मेरी कोशिश है कि हर भारतीय परिवार कम बजट में एक हरा-भरा, सुंदर और स्मार्ट घर बना सके। इस ब्लॉग पर मैं पौधों की देखभाल, Composting, Seasonal Vegetables, Solar Lights, Home Tools और Smart Home Gadgets से जुड़ा सरल और Practical तरीका शेयर करता हूँ।”

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